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ऋतिक रोशन ने रजनीकांत को बताया अपना गुरु और प्रेरणा

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता ऋतिक रोशन और साउथ सुपरस्टार रजनीकांत के बीच का रिश्ता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें गुरु-शिष्य की भावना भी है। हाल ही में रजनीकांत के फिल्मी करियर के 50 साल पूरे होने पर ऋतिक ने सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में ऋतिक ने अपनी शुरुआती फिल्मों में से एक "भगवान दादा" का ज़िक्र करते हुए लिखा कि उन्होंने बतौर अभिनेता रजनीकांत के साथ अपनी शुरुआत की थी। ऋतिक के अनुसार, रजनीकांत उनके पहले शिक्षकों में से एक थे और आज भी वे उनके लिए एक प्रेरणा हैं। ऋतिक ने लिखा — "एक अभिनेता के रूप में आपके साथ मैंने अपनी शुरुआत की। आप मेरे पहले शिक्षकों में से एक थे और आज भी आप मेरे लिए प्रेरणा हैं। पर्दे पर अपना जादू बिखेरने के 50 साल पूरे होने पर आपको ढेरों बधाई।" रजनीकांत और ऋतिक की यह गुरु-शिष्य की कहानी फिल्मी दुनिया में एक सुंदर उदाहरण पेश करती है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

रिद्धिमा की प्रेरणादायक कहानी - व्हीलचेयर से आईआईटी तक का सफर

कान पुर की रहने वाली रिद्धिमा उन युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो जीवन में कठिनाइयों के बावजूद आगे बढ़ना चाहते हैं। जन्म से ही उनकी मांसपेशियों में कमजोरी थी, जिसके कारण वे व्हीलचेयर पर निर्भर हैं। लेकिन इस शारीरिक चुनौती ने उनके सपनों की उड़ान को कभी रोक नहीं पाया। रिद्धिमा ने बचपन से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी शिक्षा में लगातार मेहनत की और अब उनका चयन प्रतिष्ठित आईआईटी कानपुर में हुआ है। उनका सपना है कि आगे चलकर वे समाज के लिए कुछ नया और सार्थक योगदान दें। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय परिवार के सहयोग और अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति को दिया। रिद्धिमा का मानना है कि अगर व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे तो कोई भी मुश्किल उसे रोक नहीं सकती। भविष्य की योजना रिद्धिमा का लक्ष्य आने वाले समय में उच्च शिक्षा के साथ-साथ रिसर्च के क्षेत्र में भी काम करना है। वे चाहती हैं कि उनकी कहानी अन्य युवाओं को प्रेरित करे और समाज में जागरूकता फैलाए कि विकलांगता कभी भी सफलता की राह में रुकावट नहीं है। यह कहानी हमें सिखाती है कि हौसला और मेहनत किसी भी कठिनाई को म...